# Mother's Day special माँ #

क्या सुबह, क्या शाम, 
अर्पण किया जीवन मेरे नाम। 
औलाद ही आँखों के तारे,
खुशियाँ सारी संतानों पर वारे। 
हर भूल पर क्षमा करती, 
पर सीख भी बड़े सीखाती। 
मायूसी में सरगम सी, 
जख्मों पर मरहम है जननी।
राह के अंगारों पर पलकें बिछाती, 
एक खुशनुमा शाम है महतारी। 
डाँट में भी उसके दुलार है, 
ऋणी उसका सारा संसार है। 
वीना मिश्रा (रत्ना) 

Comments

  1. मातृ दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ

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